चिकनपॉक्स (varicella) में बुखार के बाद खुजली वाले दाने और पानी भरे छोटे फफोले हो सकते हैं। यह आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलता है।
वयस्कों, गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और कमजोर immunity वाले लोगों में बीमारी अधिक गंभीर हो सकती है। Exposure या symptoms शुरू होते ही इन समूहों को जल्दी medical advice लेनी चाहिए।
शुरुआती इलाज कब जरूरी है?
हर व्यक्ति को antiviral medicine की जरूरत नहीं होती। अधिक risk वाले व्यक्ति में doctor इसे सुझा सकते हैं। जरूरत होने पर rash शुरू होने के पहले 24 घंटे के भीतर treatment सबसे उपयोगी हो सकती है। Medicine और dose जाँच के बाद तय होती है।
घर पर देखभाल और isolation
- जिन लोगों को chickenpox नहीं हुआ या vaccine नहीं लगी, उनसे दूर रहें—विशेषकर pregnancy या कमजोर immunity में।
- सभी lesions पर पपड़ी बनने तक isolation जारी रखें।
- Skin साफ रखें। नहाना मना नहीं है।
- खुजलाने से बचें और nails छोटे रखें, ताकि secondary infection का risk घटे।
- पर्याप्त fluids और सहन होने वाला पौष्टिक भोजन लें।
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएँ?
सांस की तकलीफ, confusion, बहुत कमजोरी, dehydration, लगातार तेज बुखार, दानों से pus, आसपास बढ़ती redness या तेजी से बिगड़ती हालत में urgent care लें।
पटना में फिजिशियन से परामर्श लें और exposure की तारीख, rash शुरू होने का दिन तथा current medicines बताएं।
स्रोत
CDC: Chickenpox treatment और higher-risk groups।
यह लेख स्वास्थ्य शिक्षा के लिए है और व्यक्तिगत चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। लक्षण, जाँच की रिपोर्ट, दवा और treatment decision qualified doctor से चर्चा करके तय करें।
सांस लेने में बहुत कठिनाई, सीने में दर्द, confusion, बेहोशी, uncontrolled bleeding, severe dehydration या तेजी से बिगड़ते लक्षणों में तुरंत emergency medical care लें।
