पेट दर्द, गैस, acidity, indigestion, bloating, constipation और दस्त आम हैं। थोड़े समय की परेशानी हो सकती है, लेकिन बार-बार या लगातार symptoms को सामान्य मानकर नहीं छोड़ना चाहिए।
Review में symptoms की अवधि और pattern, food/water exposure, medicines, weight change, fever, bleeding, hydration, diabetes और दूसरी बीमारियाँ देखी जाती हैं। Tests इसी assessment के अनुसार चुने जाते हैं।
दस्त के दौरान क्या करें?
सबसे पहले dehydration से बचाव करें:
- निर्देशानुसार ORS लें और सही मात्रा के पानी में घोलें।
- Safe water और fluids छोटे-छोटे अंतराल पर लें।
- सहन होने वाला पौष्टिक भोजन जारी रखें; लंबे समय तक भूखे न रहें।
- हाथ और भोजन की सफाई रखें।
- Antibiotic या diarrhoea रोकने की दवा बिना सलाह न लें।
Warning signs
Stool में blood, लगातार vomiting, तेज पेट दर्द, बहुत कमजोरी, कम पेशाब, confusion, तेज बुखार या dehydration में जल्दी medical care लें। 14 दिन या उससे अधिक diarrhoea को persistent माना जाता है और assessment चाहिए।
पटना में liver और digestive care में symptoms और reports की review कराएँ। तेजी से बिगड़ती हालत में routine appointment का इंतजार न करें।
स्रोत
WHO: Diarrhoeal disease और ORS।
यह लेख स्वास्थ्य शिक्षा के लिए है और व्यक्तिगत चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। लक्षण, जाँच की रिपोर्ट, दवा और treatment decision qualified doctor से चर्चा करके तय करें।
सांस लेने में बहुत कठिनाई, सीने में दर्द, confusion, बेहोशी, uncontrolled bleeding, severe dehydration या तेजी से बिगड़ते लक्षणों में तुरंत emergency medical care लें।
